प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: मनुष्य के लिए कितना ज़रुरी है?

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर व्यक्ति का जीवन भी बचाता है और उसके परिवार को अत्यधिक शारीरिक, भावनात्मक और वित्तीय संकट से भी बचाता है।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में हम किसी भी बीमारी को रोकने के लिए उपाय करते हैं। प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में संभावित स्वास्थ्य संकट से लड़ने वाली किसी भी चिकित्सा सेवा या सावधानियों का उपयोग शामिल है।


जीवनशैली से जुड़ी कई बिमारियां एसिम्पटोमैटिक प्रकृति की होती हैं, एसिम्पटोमैटिक होने का मतलब है कि व्यक्ति को बिमारी केे कोई लक्षण नहीं है। प्रिवेंटिव हेल्थकेयर इलाज का अर्थ है किसी बीमारी के होने से बचना या बीमारी को गती को धीमा करना जो बैहतर जीवन के लिए आवश्यक है।


बाॅडी एन हैल्थ भारत में, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर इलाज सेवा को बढ़ाने में सहयोग कर रहा है। अनुमानित है कि भारत में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवा का बाजार मूल्य 2019 में रु 3.71 ट्रिलियन था और 2025 तक रु 14.58 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, 2020-2025 की अवधि के दौरान 27.30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से विस्तार हो रहा है। अपने स्वास्थ्य के बारे में लोगों की जागरूकता और बढ़ती व्यय योग्य आय ने शहरी और अर्ध शहरी बाजारों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर इलाज को बढ़ावा दिया है।