छात्र जीवन में आहार की भूमिका

#BalanceDiet हर किसी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है




1. डाईट का स्टूडेंट के ब्रेन फंक्शन पर क्या प्रभाव पड़ता है, पौज़िटिव व नेगेटिव।


डाईट का आपके ब्रेन और मेंटल एबिलिटी पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इसीलिये कहा जाता है कि जैसा खाए अन्न वैसा रहे मन।


आप जैसा भोजन खाते हैं आपके दिमाग का विकास, दिमागी संतुलन, आपकी इंटेलीजेंस और आपके फोकस पर उसका प्रभाव पड़ता है।


क्या आपने गौर किया है कि जो बच्चे ठीक तरह से खाना नही खाते हैं या बहुत सी विशेष चीजे पसंद नहीं होने के कारण नहीं खाते जौसेः-


ः- बौद्धिक क्षमता में कमी होने लगती है।


ः- सही तरीके से संतुलन नहीं बना पाते हैं।


ः- एक जगह फोकस होकर काम नहीं कर पाते हैं।


ः- खेल को ज्यादा लंबे समय तक नहीं खेल पाते बहुत जल्दी-जल्दी मन बदलने लगता है।


ः- थकान और कमजोरी की वजह से दिमागी संतुलन खो बैठते हैं। कोई बड़ी बहन के बाल नोचता है तो कोई छोटे बच्चों को परेशान करता है।


ः- उन्हें बताई हुई बात देर तक याद नहीं रहती और कई बार बोलते-बोलते अपनी बात भूल जाते है।


ः- पढ़ाई में मन नहीं लगता। ठीक से कुछ याद नहीं होते हैं, या लिखने में परेशानी होती है।


अगर आप अपने, पड़ोस के किसी बच्चे में यह सारी समस्याएं देखते हैं तो यह संकेत हैं कि उस बच्चे का ब्रेन सही तरीके से डेवलप नहीं हो पा रहा है और उसे सही पोषण की आवश्यकता है।


नेशनल इंस्टीयूट ऑफ न्यूट्रीशन की रिसर्चेस में देखा गया है कि जिन बच्चों को पर्याप्त पोषण मिलता है, उनका ब्रेन डेवलपमेंट सही तरह से होता है और उनका फोकस, आई क्यू लेवल और याददाश्त बहुत अच्छी होती है।


इसके लिये घर पर बना हुआ संतुलित भोजन सबसे उपयुक्त है।


मैं विशेष रूप से बच्चों को बोल रही हूं, आपकी मम्मी घर पर बना कर जो भी आपको देती हैं वह सब कुछ खाईये, और अपनी इंटेलीजेंस को बढाईये।




2. मैमोरी पावर बढ़ाने के लिये किस प्रकार की डाईट लेनी चाहिये?


मैमोरी पावर बढ़ने को लिये बच्चों की ऐज और वजन के हिसाब से संतुलित भोजन होना चाहिए जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन, मिनरल्स और पानी सही मात्रा हो। यह सब तो आवश्यक है ही क्यों कि इनसे ब्रेन सेल्स का डेवलपमेट होता है।


लेकिन इसके साथ ही आपको यादाश्त को बढ़ने के लिये कुछ विशेष चीजे अपने खाने में सम्मिलित करनी होती हैं।


ये सभी आपके ब्रेन सेल्स को एक्टिवेट करती हैं, न्यूरोट्रासंमिटर्स के फारमेशन को बढ़ती हैं और ऑक्सीडेटिव स्ट्रोस यानी कि ब्रेन सेल की डेमेज को रोकते हैं। जिससे आपकी याददाश्त तेज होती है।

जैसेः-


1. पालक और चुकंदर में मौजूद नाईट्रिक एसिड ब्रेन में ऑक्सीजन की सप्लाई को बनाये रखते हैं। इससे याद्दाश्त और फोकस बढता है।


2. इन्टरनेशनल जरनल आॅफ ह्यूमन न्यूट्रीशन रिसर्च सेंटर ने 2012 में अपनी एक स्टडी में पाया कि बैरी आपके दिमाग में सिग्नल पंहुचाने की प्रोसेस को इंप्रूव करती हैं। जैसे खट्टी मीठी बेर, जामुन, शहतूत, मकोरा, स्ट्रॉबैरी, गूजबेरी में एंथोसायनिन होते हैं जो मानसिक शक्ति और फोकस को बढ़ाते हैं।


3. नट्सः- बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, खरबूजा के बीज फ्लेक्स सीड और मूंगफली।


ये सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इनमें ओमेगा 3, फैट, विटामिन ई और जिंक सहित मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिन और खनिज होते हैं। क्लीनिकल स्टडीस में देखा गया है कि नट्स खाने से संपूर्ण मानसिक स्थिति में सुधार होता है।


4. फलः- अध्ययनों से पता चलता है कि खट्टे फल जैसे कीवी, नींबू, ऑरेंज, अनार आदि में मौजूद अंटी ऑक्सीडेंट्स ब्रेन को फ्री रेडिकल्स से होने वाली डेमेज से बचाते हैं। इसी के साथ मीठे फलों में केला में मौजूद विटामिन बी, े ब्रेन फोकस को बढ़ता है।


5. मसालेः- शोध के अनुसार बताया गया है कि हल्दी में कर्क्यूमिन होता है जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है और ब्रेन फंक्शन इंप्रूव करता है।


6 डार्क चॉकलेटः- चॉकलेट और कोको में फ्लेवोनोइड होता है ये मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने और आपकी याददाश्त में सुधार करने में मदद कर सकता है।


7. अंकुरित अनाज व ओट्सः- ब्रेन को काम करने के लिये लगातार ग्लूकोज की आवश्यकता होती है। अंकुरित अनाज व ओट्स व मिलेट्स कॉंस्टेंट एनर्जी का सोर्स हैं।


8. दूध एवं सोयाः- दूध व सोया प्रोडेक्ट में प्राकृतिक रूप से न्य